शादी कब होगी!
यह प्रश्न भले
है छोटा है
लेकिन हमारे समाज
के लिए यह
एक अहम प्रश्न
है । बच्चों के जन्म
के साथ ही
माता पिता उनकी
शादी का सपना
संजोने लगते हैं
। जब
युवावस्था में बच्चे
पहुंचते हैं तो
माता पिता अपने
बच्चों के लिए
योग्य जीवनसाथी की
तलाश करने लगते
हैं । कभी
कभी विवाह जल्दी
हो जाता है
कभी कभी विलम्ब से होता
है कभी कभी
यह तलाश जब
लम्बी होने लगती
है तो मन
में प्रश्न उठने
लगता है आखिर
शादी कब होगी?
विवाह को प्रभावित
करने वाले कारक
लग्न-----जातक के
जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएं
द्धितीय भाव / स्वामी
-----परिवार
पंचम भाव/स्वामी
-------प्रेम प्रसंग
सप्तम भाव /स्वामी
-------विवाह ,जीवनसाथी
एकादश भाव
/ स्वामी ------- जीवन की
आशा /इच्छाएं
वृहस्पति-------स्त्रियों के लिए
विवाह का कारक
शुक्र
------ पुरुषों के लिए
विवाह का कारक
विवाह कब होगा
?
- गोचर में वृहस्पति और शनि की दृष्टि लग्न से या चन्द्रमा से सप्तम भाव/स्वामी के ऊपर हो | इस डबल गोचर से उसी समय विवाह होने की सम्भावना प्रबल हो जाती है । इसके साथ साथ यदि गोचर के मंगल की दृष्टि भी लग्न से या चन्द्रमा से सप्तम भाव/स्वामी पर पड़े तो विवाह होने का समय 75 दिनों के अंदर होता है ऐसा अनुमान किया जा सकता है ।
- 2,7,11 भाव के स्वामी जब जब गोचर में 2,7,11 भाव में आ जाएँ तो उस समय शादी होने की सम्भावना होती है । ये तीनों ग्रह गोचर में 2,7,11 भाव में अलग अलग या एक साथ आ जाए तब भी यही निष्कर्ष रहता है ।
- विवाह के कारक ग्रह वृहस्पति या शुक्र जब गोचर में सप्तम भाव में आ जाते हैं या सप्तमेश पर दृष्टि डालते हैं तब भी विवाह होने की सम्भावना रहती है ।
- 2/7/11 भाव के स्वामी की दशा/अंतर्दशा में विवाह संपन्न हो सकता है ।
- सप्तमेश की दशा/अंतर्दशा में विवाह होने की सम्भावना बढ़ जाती है ।
द्वारा
गीता झा
.jpg)