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Sunday, May 3, 2020

श्री राम राघो यही प्रार्थना है

श्री राम राघो यही प्रार्थना है

ऐ राम ! हे राम ! मैं भजन हीन हूँ ,साधन हीन हूँ ,ज्ञान हीन  हूँ ,भक्ति हीन हूँ ,क्रिया हीन हूँ, राम ! शरणागत हूँ | मैं देह-सुख नहीं चाहता | अष्ट-सिद्धि तो क्या, शत सिद्धियाँ भी नहीं चाहता | मैं शरणागत हूँ,शरणागत | बस वही करो जिससे तुम्हारे पादपद्मों में शुद्ध भक्ति हो, और तुम्हारी भुवनमोहिनी माया से मैं मुग्ध न होऊँ | राम ! मैं शरणागत हूँ |
- श्री रामकृष्ण परमहंस 




हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे ।हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण  हरे हरे ।।

प्रार्थना

श्री राम राघो यही प्रार्थना है ।
सीतापते हे यही भावना है ।।
निष्काम होके गाऊं निरन्तर ।
रघुनाथ मेरी यही कामना है ।।
श्री राम राघो रघुवंष भूषण ।
मेरे हरो नाथ त्रय ताप दूषण ।।
दे दो सुबुद्धि गाता रहूं मै ।
श्रीराम रघुनन्दन राघवेती ।।
हे राम राघो त्रय ताप हारी ।
मेरी सुनो हे सारंग धारी ।।
ध्याता युगल रूप तन नाथ त्यागुं ।।
गाता तजूं प्राण श्री राम सीता  ।
देहान्त काले प्रभु सामने हो ।।
वैदेही सहित सारंग पाणी ।
भगवान मेरी यही प्रार्थना है ।।
रघुनाथ मेरी यही याचना है ।।  

बार बार वर माँगउ हरषि देहु श्री रंग |  
पद सरोज अनुपायनि ,भगति सदा सत्संग || 

द्वारा 
भागवत  ठाकुर 



Tuesday, August 13, 2013

हम तो रमते राम हैं


हम तो रमते राम हैं                                            
दुनिया परे विश्राम हैं । ।                              



दुःख सुख हानि लाभ में

जो भूत भविष्य काल में                                    
न रोवें देख बदनामी
न हँसतें होत शुभ नामी
हम तो रमते राम हैं
दुनिया परे विश्राम हैं । ।
कभी सोवुं भूपति द्वार में
छत्री पलंग बिस्तर में
भोजन छहों रस के जमूं
जिव्हा रमे रस स्वाद में
हम तो रमते राम हैं
दुनिया परे विश्राम हैं । ।
कभी जाय जंगल में बसुं
वृक्षावली बीच में रंहूँ
फल फूल भोजन मैं ग्रहूँ
नित नियम में रसना कसुं
हम तो रमते राम हैं
दुनिया परे विश्राम हैं । ।
कभी रेशमी परिधान में
कभी सूत्र सूक्ष्म प्रमाण में
कभी लक्ष्मी पति के पास में
कभी योगियों के साथ में
हम तो रमते राम हैं

दुनिया परे विश्राम हैं । ।
कभी दान दीनों को दऊँ
ध्यानी बनी प्रभु को भजूं
इस से हमें नाद हैं

शुभ काम ही से काम है

हम तो रमते राम हैं
दुनिया परे विश्राम हैं । ।

द्वारा


ध्यानयोगी मधुसुदन दास जी